गाना / Title: मधुशाला - madhushaalaa

चित्रपट / Film: non-Film

संगीतकार / Music Director: Jaidev???

गीतकार / Lyricist: Harivansh Rai Bachchan

गायक / Singer(s): Harivansh Rai BachchanManna De

Lyrics in English - ASCII
देवनागरी बोल :
          

 

हरिवंश राय बच्चन :
 

 
मदिरालय जाने को घर से चलता है पीने वाला -२
किस पथ से जाऊँ, असमंजस में है वो भोला भाला
 
अलग अलग पथ बतलाते सब,
अलग अलग पथ बतलाते सब, पर मैं ये बतलाता हूँ
राह पकड़ तू एक चला चल, पा जायेगा मधुशाला
पा जायेगा मधुशाला
 

 
मन्ना डे :
 
सुन कल कल, छल छल, मधुघट से गिरती प्यालों में हाला
सुन कल कल, छल छल
कल कल, छल छल, मधुघट से गिरती प्यालों में हाला
सुन रुनझुन रुनझुन जल वितरण, करती मधु साक़ी बाला
बस आ पहुँचे, दूर नहीं
बस आ पहुँचे, दूर नहीं, कुछ चार कदम अब चलना है
चहक रहे सुन पीनेवाले, महक रही ले मधुशाला
चहक रहे सुन पीनेवाले, महक रही ले मधुशाला
 
लाल सुरा की धार लपट सी, कह न इसे देना ज्वाला
कह न इसे देना ज्वाला
फेनिल मदिरा है, मत इसको कह देना उर का हाला
दर्द नशा है इस मदिरा का,
दर्द नशा है इस मदिरा का, विगत स्मृतियां साक़ी है
पीड़ा में आनन्द जिसे हो, आये मेरी मधुशाला
पीड़ा में आनन्द जिसे हो, आये मेरी मधुशाला
 
धर्मग्रंथ सब जला चुकी है,
धर्मग्रंथ सब जला चुकी है, जिसके अन्तर की ज्वाला
मन्दिर मसजिद गिरिजे सब को, तोड़ चुका जो मतवाला
पण्डित मोमिन पादरियों के फन्दों को जो काट चुका
कर सकती है आज उसी का स्वागत मेरी मधुशाला
कर सकती है आज उसी का स्वागत मेरी मधुशाला
 
लालाइत अधरों से जिसने हाय नहीं चूमी हाला
हर्श विकँपित करसे जिसने हाय न छुआ मधु का प्याला
हाथ पकड़ लज्जित साक़ी का,
हाथ पकड़ लज्जित साक़ी का, पास नहीं जिसने खींचा
पास नहीं जिसने खींचा
व्यर्थ सुखा डाली जीवन की, उसने मधुमय मधुशाला
व्यर्थ सुखा डाली जीवन की, उसने मधुमय मधुशाला
 
बने पुजारी, प्रेमी साक़ी, गंगाजल पावन हारा
रहे फेरता, अविरत गति से मधु के प्यालों की माला
और लिये जा, और पिये जा
और लिये जा, और पिये जा, इसी मंत्र का जाप करे
मैं शिव की प्रतिमा बन बैठूँ, मन्दिर हो ये मधुशाला
मैं शिव की प्रतिमा बन बैठूँ, मन्दिर हो ये मधुशाला
 
एक बरस में, एक बार ही, जगती होली की ज्वाला
एक बार ही लगती बाज़ी, जलती दीपों की माला
दुनिया वालों किन्तु किसी दिन आ मदिरालय में देखो
आ मदिरालय में देखो
दिन को होली, रात दिवाली, रोज़ मनाती मधुशाला
दिन को होली, रात दिवाली, रोज़ मनाती मधुशाला
 
अधरों पर हो कोई भी रस, जीव्हा पर लगती हाला
भाजन हो कोई हाथों में, लगता रख्खा है प्याला
हर सूरत, साक़ी की सूरत
हर सूरत, साक़ी की सूरत, मैं परिवर्तित हो जाती
आँखों के आगे हो कुछ भी, आँखों में है मधुशाला
आँखों के आगे हो कुछ भी, आँखों में है मधुशाला
 
सुमुखी तुम्हारा, सुन्दर मुख ही, मुझको कंचन का प्याला
छलक रही है, छलक रही है
छलक रही है जिसमे माणिक रूप मधुर मादक हाला
मैं ही साक़ी बनता मैं ही पीने वाअला बनता हूँ
पीने वाअला बनता हूँ
जहाँ कहीं मिल बैठे हम तुम, वहीं गयी हो मधुशाला
जहाँ कहीं मिल बैठे हम तुम, वहीं गयी हो मधुशाला
 
दो दिन ही मधु मुझे पिला कर, ख़ूब उठी साक़ी बाला
दो दिन ही मधु मुझे पिला कर, ख़ूब उठी साक़ी बाला
भर कर अब खिसका देती है, वह मेरे आगे प्याला
नाज़ अदा अन्दाज़ों से अब, हाय पिलाना दूर हुआ
अब तो कर देती है केवल, फ़र्ज़-अदाई मधुशाला
अब तो कर देती है केवल, फ़र्ज़-अदाई मधुशाला
अब तो कर देती है केवल, फ़र्ज़-अदाई मधुशाला
फ़र्ज़-अदाई मधुशाला
 
छोटे से जीवन में कितना प्यार करूं, पी लूं हाला
छोटे से जीवन में कितना प्यार करूं, पी लूं हाला
आने के ही साथ जगत में, आने के ही
आने के ही साथ जगत में, कहलाया जानेवाला
स्वागत के ही साथ विदा की,
स्वागत के ही साथ विदा की, होती देखो तैयारी
बन्द लगी होने खुलते ही,
बन्द लगी होने खुलते ही, मेरी जीवन मधुशाला
मेरी जीवन मधुशाला
 
शान्त सकी हो, अब तक साक़ी
शान्त सकी हो, अब तक साक़ी पी कर किस उर की ज्वाला
और और की रटन लगाता,
और और की रटन लगाता, जाता हर पीने वाला
कितनी इच्छायें हर्जाने वाला, छोड़ यहाँ जाता
कितने अरमानों की बन कर कब्र खड़ी है मधुशाला
कित्ने अर्मानोण कि बन कर कब्र खडि है मधुशल
 
 
यम आयेगा साक़ी बन कर, साथ लिये काली हाला
यम आयेगा साक़ी बन कर, साथ लिये काली हाला
पी, न होश में फिर आयेगा, सुरा-विसुध यह मतवाला
यह अन्तिम बेहोशी, अन्तिम साक़ी, अन्तिम प्याला है
पथिक, प्यार से पीना इसको,
पथिक, प्यार से पीना इसको, फिर न मिलेगी मधुशाला
फिर न मिलेगी मधुशाला
 
गिरती जाती है दिन प्रतिदिन प्रनयणी प्राणों की हाला
भग्न हुआ जाता दिन प्रतिदिन सुभगे मेरा तन प्याला
रूठ रहा है मुझसे रूपसि, दिन दिन यौवन का साक़ी,
सूख रही है दिन दिन सुन्दरी
सूख रही है दिन दिन सुन्दरी, मेरी जीवन मधुशाला
मेरी जीवन मधुशाला
 
ढलक रही हो तन के घट से, संअगिनी जब जीवन हाला,
पात्र गरल का ले जब अन्तिम साक़ी हो आनेवाला
हाथ-परस भूले प्याले का -२
हाथ-परस भूले प्याले का, स्वाद-सुरा जीव्हा भूले,
कानो में तुम कहती रहना
कानो में तुम कहती रहना
मधुकण प्याला मधुशाला -२
 
मेरे अधरों पर हो अन्तिम, वस्तु न तुलसिडल प्याला
मेरी जीव्हा पर हो अन्तिम, वस्तु न गंगाजल हाला
मेरे शव के पीछे चलने वालों, याद इसे रखना
राम नाम है सत्य न कहना -२
कहना सच्ची मधुशाला -२
 
मेरे शव पर वह रोये, हो जिसके आँसूं में हाला
आह भरे वह, जो हो सुर्भित मदिरा पी कर मतवाला
दे मुझको वे कंधा जिनके पग मद डगमग होते हों
और जलूं उस थोर जहाँ पर कभी रही हो मधुशाला
और जलूं उस थोर जहाँ पर कभी रही हो मधुशाला
 
और चिता पर जाये उंड़ेला पात्र न घ्रिट का, पर प्याला
खांट बंधे अंगूर लता में मध्य न जल हो, पर हाला
प्राण प्रीये यदि श्रार्ध करो तुम मेरा तो ऐसे करना
पीने वालों को बुलवा कर, खुलवा देना मधुशाला
पीने वालों को बुलवा कर, खुलवा देना मधुशाला
 
नाम अगर कोई पूछे तो, कहना बस पीनेवाला
काम धालाना, और धालाना सब्को मदिरा क प्याला
जाति प्रीये, जाति प्रीये पूछे यदि कोई,
कह देना दीवानों की
धर्म बताना प्यालों की ले माला जपना मधुशाला
धर्म बताना प्यालों की ले माला जपना मधुशाला
 
पितृ पक्ष में  पुत्र उथाना अर्ध्य न कर में, पर प्याला
बैठ कहीं पर जाना, गंगा सागर में हाला
किसी जगह की मिट्टी भीगे, त्रिप्ती मुझे मिल जाएगी
तर्पण अर्पण करना मुझको,
पढ़ पढ़ कर के मधुशाला
 
तर्पण अर्पण करना मुझको, पढ़ पढ़ कर के मधुशाला ...
 



        

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hariva.nsh raaya bachchan :
 

 
madiraalaya jaane ko ghar se chalataa hai piine vaalaa -2
kis path se jaauu.N, asama.njas me.n hai vo bholaa bhaalaa
 
alag alag path batalaate sab,
alag alag path batalaate sab, par mai.n ye batalaataa huu.N
raah paka.D tuu ek chalaa chal, paa jaayegaa madhushaalaa
paa jaayegaa madhushaalaa
 

 
mannaa De :
 
sun kal kal, chhal chhal, madhughaT se giratii pyaalo.n me.n haalaa
sun kal kal, chhal chhal
kal kal, chhal chhal, madhughaT se giratii pyaalo.n me.n haalaa
sun runajhun runajhun jal vitaraN, karatii madhu saaqii baalaa
bas aa pahu.Nche, duur nahii.n
bas aa pahu.Nche, duur nahii.n, kuchh chaar kadam ab chalanaa hai
chahak rahe sun piinevaale, mahak rahii le madhushaalaa
chahak rahe sun piinevaale, mahak rahii le madhushaalaa
 
laal suraa kii dhaar lapaT sii, kah na ise denaa jvaalaa
kah na ise denaa jvaalaa
phenil madiraa hai, mat isako kah denaa ura kaa haalaa
dard nashaa hai is madiraa kaa,
dard nashaa hai is madiraa kaa, vigat smR^itiyaa.n saaqii hai
pii.Daa me.n aanand jise ho, aaye merii madhushaalaa
pii.Daa me.n aanand jise ho, aaye merii madhushaalaa
 
dharmagra.nth sab jalaa chukii hai,
dharmagra.nth sab jalaa chukii hai, jisake antar kii jvaalaa
mandir masajid girije sab ko, to.D chukaa jo matavaalaa
paNDit momin paadariyo.n ke phando.n ko jo kaaT chukaa
kar sakatii hai aaj usii kaa svaagat merii madhushaalaa
kar sakatii hai aaj usii kaa svaagat merii madhushaalaa
 
laalaa_it adharo.n se jisane haay nahii.n chuumii haalaa
harsh vika.Npit karase jisane haay na chhuaa madhu kaa pyaalaa
haath paka.D lajjit saaqii kaa,
haath paka.D lajjit saaqii kaa, paas nahii.n jisane khii.nchaa
paas nahii.n jisane khii.nchaa
vyarth sukhaa Daalii jiivan kii, usane madhumay madhushaalaa
vyarth sukhaa Daalii jiivan kii, usane madhumay madhushaalaa
 
bane pujaarii, premii saaqii, ga.ngaajal paavan haaraa
rahe pherataa, avirat gati se madhu ke pyaalo.n kii maalaa
aur liye jaa, aur piye jaa
aur liye jaa, aur piye jaa, isii ma.ntra kaa jaap kare
mai.n shiv kii pratimaa ban baiThuu.N, mandir ho ye madhushaalaa
mai.n shiv kii pratimaa ban baiThuu.N, mandir ho ye madhushaalaa
 
ek baras me.n, ek baar hii, jagatii holii kii jvaalaa
ek baar hii lagatii baazii, jalatii diipo.n kii maalaa
duniyaa vaalo.n kintu kisii din aa madiraalaya me.n dekho
aa madiraalaya me.n dekho
din ko holii, raat divaalii, roz manaatii madhushaalaa
din ko holii, raat divaalii, roz manaatii madhushaalaa
 
adharo.n par ho koii bhii ras, jiivhaa par lagatii haalaa
bhaajan ho koii haatho.n me.n, lagataa rakhkhaa hai pyaalaa
har suurat, saaqii kii suurat
har suurat, saaqii kii suurat, mai.n parivartit ho jaatii
aa.Nkho.n ke aage ho kuchh bhii, aa.Nkho.n me.n hai madhushaalaa
aa.Nkho.n ke aage ho kuchh bhii, aa.Nkho.n me.n hai madhushaalaa
 
sumukhii tumhaaraa, sundar mukh hii, mujhako ka.nchan kaa pyaalaa
chhalak rahii hai, chhalak rahii hai
chhalak rahii hai jisame maaNik ruup madhur maadak haalaa
mai.n hii saaqii banataa mai.n hii piine vaaalaa banataa huu.N
piine vaaalaa banataa huu.N
jahaa.N kahii.n mil baiThe ham tum, vahii.n gayii ho madhushaalaa
jahaa.N kahii.n mil baiThe ham tum, vahii.n gayii ho madhushaalaa
 
do din hii madhu mujhe pilaa kar, Kuub uThii saaqii baalaa
do din hii madhu mujhe pilaa kar, Kuub uThii saaqii baalaa
bhar kar ab khisakaa detii hai, vah mere aage pyaalaa
naaz adaa andaazo.n se ab, haay pilaanaa duur huaa
ab to kar detii hai keval, farza-adaa_ii madhushaalaa
ab to kar detii hai keval, farza-adaa_ii madhushaalaa
ab to kar detii hai keval, farza-adaa_ii madhushaalaa
farza-adaa_ii madhushaalaa
 
chhoTe se jiivan me.n kitanaa pyaar karuu.n, pii luu.n haalaa
chhoTe se jiivan me.n kitanaa pyaar karuu.n, pii luu.n haalaa
aane ke hii saath jagat me.n, aane ke hii
aane ke hii saath jagat me.n, kahalaayaa jaanevaalaa
svaagat ke hii saath vidaa kii,
svaagat ke hii saath vidaa kii, hotii dekho taiyaarii
band lagii hone khulate hii,
band lagii hone khulate hii, merii jiivan madhushaalaa
merii jiivan madhushaalaa
 
shaant sakii ho, ab tak saaqii
shaant sakii ho, ab tak saaqii pii kar kis ura kii jvaalaa
aur aur kii raTan lagaataa,
aur aur kii raTan lagaataa, jaataa har piine vaalaa
kitanii ichchhaaye.n harjaane vaalaa, chho.D yahaa.N jaataa
kitane aramaano.n kii ban kar kabr kha.Dii hai madhushaalaa
kitne armaanoN ki ban kar kabr khaDi hai madhushala
 
 
yam aayegaa saaqii ban kar, saath liye kaalii haalaa
yam aayegaa saaqii ban kar, saath liye kaalii haalaa
pii, na hosh me.n phir aayegaa, suraa-visudh yah matavaalaa
yah antim behoshii, antim saaqii, antim pyaalaa hai
pathik, pyaar se piinaa isako,
pathik, pyaar se piinaa isako, phir na milegii madhushaalaa
phir na milegii madhushaalaa
 
giratii jaatii hai din pratidin pranayaNii praaNo.n kii haalaa
bhagn huaa jaataa din pratidin subhage meraa tan pyaalaa
ruuTh rahaa hai mujhase ruupasi, din din yauvan kaa saaqii,
suukh rahii hai din din sundarii
suukh rahii hai din din sundarii, merii jiivan madhushaalaa
merii jiivan madhushaalaa
 
Dhalak rahii ho tan ke ghaT se, sa.naginii jab jiivan haalaa,
paatra garal kaa le jab antim saaqii ho aanevaalaa
haath-paras bhuule pyaale kaa -2
haath-paras bhuule pyaale kaa, svaad-suraa jiivhaa bhuule,
kaano me.n tum kahatii rahanaa
kaano me.n tum kahatii rahanaa
madhukaN pyaalaa madhushaalaa -2
 
mere adharo.n par ho antim, vastu na tulasiDal pyaalaa
merii jiivhaa par ho antim, vastu na ga.ngaajal haalaa
mere shav ke piichhe chalane vaalo.n, yaad ise rakhanaa
raam naam hai satya na kahanaa -2
kahanaa sachchii madhushaalaa -2
 
mere shav par vah roye, ho jisake aa.Nsuu.n me.n haalaa
aah bhare vah, jo ho surbhit madiraa pii kar matavaalaa
de mujhako ve ka.ndhaa jinake pag mad Dagamag hote ho.n
aur jaluu.n us thor jahaa.N par kabhii rahii ho madhushaalaa
aur jaluu.n us thor jahaa.N par kabhii rahii ho madhushaalaa
 
aur chitaa par jaaye u.n.Delaa paatr na ghriT kaa, par pyaalaa
khaa.nT ba.ndhe a.nguur lataa me.n madhya na jal ho, par haalaa
praaN priiye yadi shraardha karo tum meraa to aise karanaa
piine vaalo.n ko bulavaa kar, khulavaa denaa madhushaalaa
piine vaalo.n ko bulavaa kar, khulavaa denaa madhushaalaa
 
naam agar koii puuchhe to, kahanaa bas piinevaalaa
kaam dhaalaanaa, aur dhaalaanaa sabko madiraa ka pyaalaa
jaati priiye, jaati priiye puuchhe yadi koii,
kah denaa diivaano.n kii
dharm bataanaa pyaalo.n kii le maalaa japanaa madhushaalaa
dharm bataanaa pyaalo.n kii le maalaa japanaa madhushaalaa
 
pitR^i paksh me.n  putra uthaanaa ardhya na kar me.n, par pyaalaa
baiTh kahii.n par jaanaa, ga.ngaa saagar me.n haalaa
kisii jagah kii miTTii bhiige, triptii mujhe mil jaaegii
tarpaN arpaN karanaa mujhako,
pa.Dh pa.Dh kar ke madhushaalaa
 
tarpaN arpaN karanaa mujhako, pa.Dh pa.Dh kar ke madhushaalaa ...