गाना / Title: ज़िंदगी की क़सम, हो चुके उनके हम - zi.ndagii kii qasam, ho chuke unake ham

चित्रपट / Film: Malik

संगीतकार / Music Director: Ghulam Mohammad

गीतकार / Lyricist: Shakeel

गायक / Singer(s): तलत महमूद-(Talat Mahmood)

Lyrics in English - ASCII
देवनागरी बोल :
          



ज़िंदगी की क़सम, हो चुके उनके हम
यह ज़माना दीवाना जो चाहे कहे

प्यार करके निभाना बड़ी चीज़ है
दिल की दुनिया भी आखिर कोई चीज़ है
ज़िंदगी भर न हम उनसे होंगे जुदा
दिल की राहों पे चलते रहेंगे सदा
जैसे तूफ़ान की मौजों में साहिल रहे

ज़ोर किसका चला है, भला इश्क़ पर
अपना\-अपना है दिल, अपनी\-अपनी नज़र
यह न होगा के हम उनसे मुँह मोड़ लें
डोर तक़दीर की बाँधकर तोड़ दें
आदमी वो जो वादे पे कायम रहे



        

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Lyrics:
      

zi.ndagii kii qasam, ho chuke unake ham
yah zamaanaa diivaanaa jo chaahe kahe

pyaar karake nibhaanaa ba.Dii chiiz hai
dil kii duniyaa bhii aakhir koii chiiz hai
zi.ndagii bhar na ham unase ho.nge judaa
dil kii raaho.n pe chalate rahe.nge sadaa
jaise tuufaan kii maujo.n me.n saahil rahe

zor kisakaa chalaa hai, bhalaa ishq par
apanaa\-apanaa hai dil, apanii\-apanii nazar
yah na hogaa ke ham unase mu.Nh mo.D le.n
Dor taqadiir kii baa.Ndhakar to.D de.n
aadamii vo jo vaade pe kaayam rahe